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नवंबर, 2024 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

सबक

 " यह लीजिए ,गाजर का हलवा जरा खा कर तो बताइए कैसा बना है?"रागिनि देवी ने अपने पति उमाकांत जी को गाजर का गरमागरम हलवा देते हुए पूछा ।"अरे भाग्यवान,इसमें कहना ही क्या?अच्छा ही बना होगा एक तो सर्दियों का मौसम ऊपर से तुम्हारे हाथ का स्वाद। लेकिन यह क्या? अपने लिए हलवा लेकर नहीं आई?"मैं फिर खा लूंगी आप खाकर तो बताइए ।" जैसी तुम्हारी इच्छा, भाई मैं तो गाजर के हलवे से आती हुई देसी घी की खुशबू और  पिस्ता बादाम से सजी हुई  कटोरी देख कर अब और इंतजार नहीं कर सकता।"इतना कहकर उमाकांत जी हलवा खाने लगे। रागिनी जी उन्हें हलवा  खाते देखकर मुस्कुरा रही थीं। दरअसल उमाकांत जी को मीठा खाने का बहुत शौक था। रागिनी जी पहले उनके  लिए तरह-तरह के मीठे व्यंजन बनाया करती थी। उमाकांत जी गांव के एक सरकारी स्कूल में अध्यापक थे। बेटे की जिद के कारण उमाकांत जी की  रिटायरमेंट के बाद वे लोग अपने बेटे बहू के साथ रहने  शहर आ गए थे। बेटा तो अपने माता-पिता को प्रेम करता था लेकिन उसकी पत्नी नेहा उनसे  कुछ खींची खींची सी रहती थी। इसी कारण रागिनी जी बहू की रसोई में  मदद तो कर देती थी ...

नकल

 "सच निशा बड़ा ही आलीशान घर बनवाया है तुमने। तुम्हारा घर देख कर दिल खुश हो गया।"थैंक्स,यार जया। अरे मैं तो कहती हूं कि कि तू भी इसी  सोसाइटी में एक घर बुक करवा ले। अभी काफी प्लॉट्स खाली हैं यहां।" निशा की बात सुनकर जया मुस्कुराने लगती है।आज निशा की गृह प्रवेश की पूजा थी। निशा और जया एक ही कॉलोनी में किराए के घर में रहती थी। दोनों के बच्चे भी एक ही क्लास मैं पढ़ते थे और दोनों अच्छी सहेलियां बन गई थी। निशा ने कुछ दिनों पहले एक नया प्लॉट खरीदा और उस पर एक शानदार बंगला बनाया गया। घर वाकई बहुत खूबसूरत था। गृह प्रवेश की पूजा और पार्टी में आने वाले सभी लोगों की जुबान पर यही चर्चा थी। बड़े बड़े बेडरूम, खूबसूरत और महंगी पेटिंग्स से सजा हुआ लिविंग रूम,मॉड्यूलर किचेन,बड़ा सा टेरेस ,बड़े-बड़े झूमर और आधुनिक सुख सुविधा की सभी चीजें मौजूद थी वहां। वाकई निशा और उसके के पति ने काफी खर्च किया था घर बनाने में। खैर पार्टी खत्म हुई और सभी अपने-अपने घरों को  चले गए।  लेकिन जया के  दिलोंदिमाग में वह घर छा गया था। अगले दिन सुबह नाश्ते की टेबल पर वह अपने पति से कहती है ।"कितना सुंदर घर...

How to style winter wears

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How to style winter clothes? From office to weekend Winter clothes are quite easy to style from office to weekend. A good trench coat or tailored coat makes the office look professional and classy, while it can be paired with a cozy sweater or leggings for a casual weekend look. Styling with accessories Accessories play a very important role in winter. A good scarf or stylish hat can make your look even more attractive. To pair boots correctly, make sure they match your outfit, so that you get a stylish and interesting look Mix and match Mix and match winter clothes can also create a new look. For example, pair a chunky sweater with leather pants or wear a knitted dress with stylish boots and an overcoat. Use bold colors While dark colors dominate winter fashion, don't hesitate to incorporate colors. Gemstone colors like emerald green, ruby red, or sapphire blue can brighten up gloomy days. Pastels like blush pink and baby blue can also add a pop of color to your style Be confident...

फैसला

" अरे मैं कहती हूं कि की ये कहां की समझदारी है कुसुम की शादी के पीछे इतने पैसे खर्च करने की? 10 लाख रुपए दहेज ऊपर से बारात के स्वागत, लेन देन ,गहने ,कपड़े लगभग 8-10 लाख का और खर्चा। कुल मिलाकर 20 लाख का बजट जाएगा।" "लेकिन, सुनीता हम कर भी क्या सकते हैं ?आखिर पिताजी  ही कुसुम का  रिश्ता तय करके गए हैं। और यह भी तो देखो लड़का बैंक में मैनेजर है।तो शादी में खर्च तो आएगा ही।"घर के बड़े बेटे रमेश ने अपनी पत्नी सुनीता को समझाते हुए कहा।" शादी तय ही तो हुई है, हो   तो नहीं गई ना। मना कर देंगे।"सुनीता ने कहा।"हां भैया, मुझे भी लगता है भाभी ठीक ही कह रही है। देखो पिताजी को रिटायरमेंट पर 50 लाख रुपए मिले थे। दो-चार लाख रुपये उनकी बीमारी में लग गए। बचे हुए पैसों में से 20 \25 लाख इस शादी पर ही खर्च कर देंगे तो हमारे लिए क्या बचेगा? आपकी भी छोटी सी नौकरी है। दो चार लाख में शादी निपटाकर बचे हुए पैसों को हम आपस में बांट लेंगे। मैं भी अपनी कपड़ो की दुकान को थोड़ा बड़ा कर लूंगा।" "लेकिन क्या मां जी इसके लिए तैयार होंगी।"छोटी बहू शिवानी ने अपनी शंका प्र...

Winter fashion trends 2024 for women

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2024 में महिलाओं के लिए सर्दियों के फैशन ट्रेंड्स सर्दियों का मौसम आ चुका है, और अब हमें अपने फैशन गेम को भी ठंड के मौसम के हिसाब से अपडेट करना होगा। सर्दियों में स्टाइलिश दिखना और साथ ही गर्मी का भी ध्यान रखना कोई आसान काम नहीं होता, लेकिन सही ट्रेंड्स को अपनाकर आप दोनों को अच्छे से मैनेज कर सकती हैं। इस पोस्ट में हम 2024 के सबसे हॉट और ट्रेंडिंग सर्दियों के फैशन ट्रेंड्स पर चर्चा करेंगे, जो आपको स्टाइलिश और आरामदायक दोनो लगेंगे। सर्दियों के लिए 2024 के प्रमुख फैशन ट्रेंड्स लेयरिंग विद स्टाइल सर्दियों में लेयरिंग का चलन हमेशा रहा है, लेकिन इस बार यह और भी स्टाइलिश हो चुका है। ओवरसाइज़्ड कोट्स, लॉन्ग कार्डिगन्स और ट्रेंच कोट्स जैसे स्टाइलिश आउटरवियर इस सीज़न का अहम हिस्सा हैं। इनका फायदा यह है कि ये न केवल आपको गर्म रखते हैं, बल्कि आपका लुक भी क्लासी और ट्रेंडी बनाते हैं।   स्टेटमेंट निटवियर चंकी स्वेटर्स, टर्टलनेक और निटेड ड्रेसस इस सीज़न में सभी के वॉर्डरोब का हिस्सा हैं। ये न केवल आरामदायक होते हैं, बल्कि किसी भी आउटफिट में एक अलग ही ग्लैमर जोड़ते हैं। अगर आप सर्दियों में भी ट्र...

गृहलक्ष्मी

 "अरे तुम लोग अभी तक किचन में ही लगी हुई हो। लड़के वाले बस थोड़ी देर  में आते ही होंगे। यह लो।गुलाब जामुन और मिठाइयां, मैंने तो पहले ही कहा था कि समोसे और कचौड़ियां बाजार से ही ले आता हूं।"आप इतना हड़बड़ा क्यों रहे हैं? सब कुछ बस तैयार ही हैं और हमारी सीमा भी बस थोड़ी देर में ही तैयार हो जाएगी। यह हैं वर्मा जी और उनकी पत्नी रत्ना। वर्मा दंपति को तीन बेटियां हैं। आज उनकी सबसे बड़ी  बेटी सीमा को देखने के लिए लड़के वाले आ रहे हैं। सीमा एक सुंदर सभ्य और गुणी लड़की है। उसकी मां सदैव कहती हैं कि  कि मेरी बेटी साक्षात लक्ष्मी है, जिस घर जाएगी उसके तो भाग्य खुल जाएगे। थोड़ी देर बाद.... "हमें आपकी बेटी पसंद है। देखिए हमारी कोई मांग तो नहीं है। लेकिन मैं एक बात कहना चाहूंगी विनय के पिता को दुनिया छोड़े  हुए 5 साल हो चुके हैं। उनकी जगह ही विनय की  सरकारी दफ्तर में नौकरी हुई है। विनय के दो छोटे भाई बहन भी हैं। उनकी पढ़ाई लिखाई शादी ब्याह की जिम्मेदारी सब कुछ इसे ही उठानी है।"लड़के की मां सुलोचना जी ने कहा तो रत्न जी ने कहा "बहन जी आप इस बात की चिंता ना करें मेरी  ...

शरारती

स्कूल में लंच का पीरियड था। सभी शिक्षक स्टाफ रूम में बैठकर लंच कर रहे थे। तभी.."मैडम रोहन ने मेरा लंच बॉक्स गिरा दिया और टोकने पर मुझे एक चांटा भी मारा।"तुम चलो मैं क्लास में आकर देखती हूं।"समझ में नहीं आता इस रोहन का क्या करें? पूरी क्लास को डिस्टर्ब  कर रखा है।मंजू मैडम ने कहा। दूसरे शिक्षकों ने भी उनका समर्थन किया। कभी किसी की किताब किसी और के बैग में, कभी किसी का पेंसिल बॉक्स छुपा देना, कभी किसी बच्चे को मार देना। वाकई नाक में दम कर रखा है। कल उसकी मां मिली थी, कह रही थी कि घर पर भी पढ़ाई पर बिल्कुल ध्यान नहीं देता है। यह कहानी है, एक छोटे से गांव में रहने वाले बच्चे की,जिसका नाम था रोहन। वह स्कूल में बहुत शरारती था और कभी भी पढ़ाई में ध्यान नहीं देता था। उसकी हरकतों से उसके शिक्षक और साथी विद्यार्थी सभी परेशान रहते थे। अक्सर वह क्लास में हंसी-मजाक करता, पाठों से ध्यान भटकाता, और शिक्षकों के समझाने पर भी कोई फर्क नहीं पड़ता था। रोहन की शरारतों से तंग आकर एक दिन सभी शिक्षकों ने प्रधानाध्यापक से उसकी शिकायत की।प्रधानाचार्य ने उसे बुलाया और समझाया, लेकिन फिर भी रोहन ने ...

भूख

" यह क्या? नव्या ,आज तुम फिर से लंच बॉक्स ऐसे ही वापस ले आई!"मां मैंने आपसे कितनी बार कहा है ,कि कुछ अच्छा बना कर दिया करो और आप हो कि वही पराठे, पूरियों और चपातियों पर अटकी पड़ी हैं। मुझे नही खाना ऐसा खाना।""अरे बेटा पिछले सप्ताह ही तो तुझे सैंडविच बना कर दिया था। यह फास्ट फूड रोज-रोज खाने की चीज नहीं। एक तो इनसे तेरी सेहत बिगड़ेगी। और बेटा,यह रोज-रोज अन्न का अपमान करना अच्छी बात नहीं।"पल्लवी ने अपनी बेटी नव्या को समझाते हुए कहा। नव्या आठवीं कक्षा में पढ़ती है। एक तो मां-बाप की इकलौती संतान ऊपर से कान्वेंट स्कूल के  कल्चर ने उसे थोड़ा जिद्दी बना दिया था। बचा खुचा योगदान उसके पापा का था जो बेटी की एक फरमाइश पर कभी पिज़्ज़ा तो कभी बर्गर ऑर्डर करवा देते थे। इन्हीं सब कारणों  से घर के खाने के प्रति नव्या की कोई दिलचस्पी नहीं थी। पल्लवी कई बार नाराज होकर उसे  कहती थी एक दिन भूखा रहना पड़े ,तब तुम्हें घर के खाने की अहमियत पता चलेगी। एक दिन नव्या स्कूल से घर आ रही थी,  तभी रास्ते में एक गरीब औरत अपने दो छोटे-छोटे बच्चों के साथ सड़क के किनारे बैठी हुई थी।"दीदी कु...

आईना

 "देख बेटा, आज फिर से तेरी पत्नी ने घर में क्लेश कर दिया। जाने क्या सीख कर आई है मायके से? बड़े छोटों का लिहाज ही नहीं जब देखो तब जुबान लड़ाना बस! तू थोड़ा उसे ठीक से समझा देना।"तुम चिंता न करो मां, मैं अभी उसकी खबर लेता हूं। कह कर राजीव अपने कमरे में गया।"यह मैं क्या सुन रहा हूं रोहिणी? तुमने आज फिर मां के साथ झगड़ा किया। कितनी बार कहा है तुमसे, मेरे घरवालों की इज्ज़त किया करो।"रोहिणी 1 मिनट के लिए राजीव की बातें सुन खामोश हो जाती है,फिर कहती हैं"मैंने तो सिर्फ इतना कहा था कि छोटी अब 5 साल की हो चुकी है। उसका स्कूल में एडमिशन कराना जरूरी है वरना वह पढ़ाई में पीछे रह जाएगी। तब मां जी कहने लगी, सरकारी स्कूल में एडमिशन करा दे। तब मैंने कहा कि मेरी बेटी सरकारी स्कूल में नहीं जाएगी।इसमें क्या गलत कह दिया मैने।" पत्नी की बात सुनकर राजीव एक पल सकते में आ गया। लेकिन अगले ही पल झल्ला कर बोला "मैं वह सब कुछ नहीं जानता बस तुम मां से बहस नहीं करोगी और बेटी का  एडमिशन मैं देख लूंगा।"यह थे राजीव और उसकी पत्नी रोहिणी। राजीव ने एमबीए किया था और एक अच्छी कंपनी म...