सिल्क की साड़ी

अच्छा तो तुने तीज की तैयारीयां शुरू भी कर दी।सिल्क की साड़ी! वाह। कौन से रंग की?अरे नही सुषमा,मैने तो अभी अपने लिए कुछ नहीं लिया।अभी तो 15 दिन का समय बचा है तीज के त्योहार को।देखती हूं मैं क्या लेना है? अच्छा चल बाद में बात करती हूं। ये कहकर नमिता  ने फोन कट कर दिया।  तभी...अरे मैडम, तुम्हारी बातें खत्म हो गई हों तो शाम की चाय पिला दो। हाल में बैठकर टीवी देख रहे पतिदेव ने आवाज लगाई। सहेली की सुंदर सिल्क की साड़ी को इमेजिन कर रही नमिता पतिदेव की चाय की मांग पर मन ही मन झल्ला उठी। और बडबडाते हुए किचन में जाकर चाय बनाने लगी। थोड़ी देर में वह चाय की ट्रे लेकर आती है एक कप सासु मां को और और दूसरा पति के हाथों में देते हुए कहती है। अभी से कहे देती हूं, बाद में ना कहना कि पहले क्यों नहीं कहा, मै इस बार तीज के त्यौहार में सिल्क की साड़ी लूंगी। अरे पिछले कई सालों से मायके या यहां वहां के रिश्तेदारी में मिली साड़ीयों से से ही त्यौहार निपटा रही हूं। लेकिन इस बार मैं सिल्क की नई साड़ी ले कर ही रहूंगी। यह कहकर नमिता, राकेश को  कुछ कहे कहने का मौका दिए बिना ही चाय के कप समेट कर डिनर की तैयारी करने के लिए किचन में चली गई। राकेश ने प्रश्नवाचक निगाहों से मां की ओर देख कर पूछा इस नमिता को अचानक  क्या हुआ? अरे होना क्या है? तीज का त्यौहार नजदीक आ रहा है किसी सहेली ने अपनी शॉपिंग के बारे में  बताया होगा । अब यह दो-चार दिन ऐसे ही बड़बड़ करेगी और जब साड़ियां खरीदने का समय आएगा तो घर के खर्चे गिनाकर अपने हाथ खुद ही पीछे खींच लेगी। कहते हुए मां जी  उठकर अपने कमरे में आराम करने चली गई। लेकिन राकेश सोचमें पड़ गया सच ही तो  कहती है मां। नमिता  हर बार परिवार की जरूरतो के आगे अपनी इच्छाओं की बलि देती आई है। 2 दिन के बाद ऑफिस जाते समय राकेश ने कहा कि "नमिता आज शाम को तैयार रहना मैं जल्दी आ जाऊंगा और तुम्हारे त्यौहार की शॉपिंग करवा दूंगा"।शॉपिंग? ठीक है, नमिताने कहा। शाम को नामित और राकेश मार्केट जानेके लिए जैसे ही तैयार हुए, बेटी ने कहा मां मेरी स्कूल यूनिफॉर्म छोटी हो रही है।टीचर ने नई लेने को कहा है। तभी उनका छोटा बेटा जो चौथी क्लास में पढ़ता था। मॉम मेरी व्हाइट शूज आपने कहा था ना इस महीने चेंज करवा.. उसकी बात अधूरी ही रह गई क्योंकि उसके हाथों से टकराकर टेबल पर रखा दादी मां का चश्मा गिर कर टूट गया। सॉरी मम्मा, मैंने जानबूझकर नहीं किया। बहु यह चश्मा रहने दे अगले महीना बनवा लेना। अभी जिन कामों को लेकर बाजार जा रही है पहले वह पूरा कर ले। देखती हूं मां जी, का कर नमिता ने चश्मा अपने पर्स में रख लिया। थोड़ी देर बाद बाजार में एक बड़े से साड़ी के शोरूम के शोकेस में लगी साड़ियों को नामिता निहार रही थी । पतिदेव अभी बाहर गाड़ी पार्क कर रहे थे। एक लाल रंग की पतली सुनहरे बॉर्डरऔर छोटी-छोटी बूटियों वाले सिल्क की साड़ी पर उसकी नजरे टीक गई।उसने बाहर खड़े सेल्समैन से साड़ी का प्राइस पूछा।₹9000। सुनते ही नामिता सोचमें पड़ गई। मां जी का चश्मा, बच्चों के यूनिफॉर्म और शूज लगभग ₹5000 का खर्चा है। और त्योहार में एक साड़ी ही तो नहीं और भी तो खर्च हैं, चूड़ियां ,श्रृंगार का समान, मिठाइयां पकवान। ना बाबा ना। एक सिल्क की साड़ी के पीछे पूरे महीने का बजट बिगड़ जाएगा। और राखी पर भाभी ने जो साड़ी दी थी, वह तो वैसे ही रखी हुई है। अरे नमिता कहां  खोई हुई हो?बाहर क्यों खड़ी हो ?अंदर तो चलो राकेश ने कहा। नहीं राकेश ,मेरा साड़ियां लेने का मूड नहीं ।फिर कभी, चलो मार्केट के बाकी काम कर लेते हैं। लेकिन तुम्हें तो सिल्क की साड़ी लेनी थी? हां ,लेकिन अब नहीं लेनी। और वह दोनों मार्केट के बाकी काम निपटाकर घर वापस आ जाते हैं। कुछ दिनों के बाद तीज का त्यौहार आ जाता है। अरे नमिता क्या ढूंढ रही हो? राकेश ने पूछा, अरे पूजा का समय हो रहा है।मैंने अपनी साड़ी यही अलमारी में रखी थी वह कहीं मिल नहीं रहीहै। हटो मैं ढूंढ देता हूं। कहकर  राकेश अपनी अलमारी से एक पैकेट निकाल कर नमिता के हाथ पैर रख देता है।  यह क्या.. नमिता जैसे ही वह पैकेट खोलती है तो सामने वही सुनहरे लाल रंग की सिल्क बॉर्डर वाली साड़ी देखकर राकेश की ओर देखने  लगती है। नमिता के कुछ पूछने के पहले ही राकेश कहता है कि ,मैने उस दिन तुम्हें उसे दिन तुम्हें सेल्समैन से साड़ी की कीमत पूछते हुए देख लिया था। मैं अगले दिन ही वह साड़ी ले आया था। अब सोच क्या रही हो बहू? पूजा के  लिए देर हो रही है।  मैंने साड़ी का ब्लाउज भी बनवा दिया है।अब जल्दी से इसे पहन कर पूजा के लिए बाहर चली आओ।  मां जी ने कहा।थोड़ी देर में नामिता वह साड़ी पहनकर पूजा कर रही थी। उसके चेहरे पर गजब की सुंदरता और  आभा थी।पता नहीं  यह आभा मनचाही साड़ी पानी की खुशी की थी या स्वयं के लिए पति और परिवार के स्नेह के धागे की।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Wedding & Festive Artificial Jewellery for Women | Elegant Style Guide

Holi special kurta sets

10 Best Cotton and Linen Suits for Women (2026) – Stylish and Comfortable Summer Wear