बिटियाhttps://prerna2023.blogspot.com/2024/08/blog-post.html
बधाई हो ,सरपंच साहब। बधाई मास्टर साहब ने अपनी मोटरसाइकिल दरवाजे पर खड़े करते हुए हवेली के बड़ेसे अहाते मे अपनी आराम कुर्सी पर बैठे हुए सरपंच साहब से कहा। आइए आइए मास्टर साहब आइए और ये बधाइयां किस बात की भाई? अरे आपकी नैना मैट्रिक की परीक्षा में आस पास के पांच गांव में अव्वल आई है। भाई आपकी पोती ने तो हमारे विद्यालय के साथ-साथ पूरे गांव का भी का नाम रोशन कर दिया। अच्छा अच्छा यह बात है।मेरी नैना है ही बड़ी समझदार।
इधर घर के अंदर नैना दौड़ती हुई मां के पास आतीहै। मां सुना तुमने मैं मैट्रिक की परीक्षा में अव्वल आई हूं। विनीता प्यार से अपनी बेटी का माथा चूम लेती है। बाहर मास्टर जी आए हैं। हां बेटा चल ,मास्टरजी का आशीर्वाद ले ले औरअपने दादा जी का भी। दोनों मां बेटी बाहरआते हैं। लीजिए मास्टर जी मुंह मीठा करिए नैना की मां ने कहा ।नैना अपने दादाजी और मास्टर जी का आशीर्वाद लेती है। जीती रहो बेटा और आगे का क्या सोचा है? जी वह मैं साइंस.. सोचना क्या है मास्टर जी अब हो गई हमारी बिटिया की पढ़ाई । अब यह घर में रहकर बहु से घर के कामकाज सीखेगी। तीन-चार सालों में हम इसके हाथ पीले कर देंगे। नैना की बात को बीच में काटते हुए दादाजी बोल पड़े। दादाजी की बातसुनकर मास्टर जी के साथ-साथ नैना और उसकी मां दोनों के चेहरे सफेद पड़ गए। यह क्या कह रहे हैं सरपंच साहब? बड़ी मेधावी बच्ची है आपकी इसे पढ़ाइए लि खाइए। आपका और पूरे गांव का नाम रोशन करेगी। देखो मास्टरजी हो गया नाम रोशन जितना होना था। आगे की पढ़ाई के लिए इसे शहर भेजना पड़ेगा। कल को कोई ऊंच नीच हो गई तो। छोटा भाई है इसका आगे वह जितना पढ़ना होगा पढ़ लेगा कर लेगा नाम रोशन घर का। लेकिन बाबूजी नैना आगे पढ़ना चाहती है। बस बहू, क्या करेगी ज्यादा पढ़ कर वह। कल को तुम्हारी तरह चूल्हा चौका ही तो संभालना है उसे। उसे अब उसकी शिक्षा दो। लेकिन सरपंच साहब, बस मास्टर जी मुझे इस मामले में कोई बहस नहीं चाहिए। हो गया फैसला। यह कह कर सरपंच साहब उठकर अंदर अपने कमरे में चले गए। मास्टर साहब भी निराश हो बच्ची के सिर पर हाथ रख कर चले गए। अब क्या होगा मां? क्या मैं आगे की पढ़ाई नहीं करूंगी? नैना ने रुआंसी हो कर अपनी मां से पूछा। तू चिंता ना कर मैं आज ही तेरे पापा से बात करती हुं। नैना के पापा भारतीय सेना में काम करते थे। बार-बार ट्रांसफर होनेके कारण अपने परिवार को घर पर ही रख छोड़ा था। विनीता ने उन्हें फोन पर सारीबातें बताई। उन्होंने कहा चिंता मत करो मैं अगले सप्ताह घर आता हूं और पिताजी से बात करता हूं।
कुछ दिनों के बाद। पिताजी आप समझते क्यों नहीं आजकल के जमाने में लड़कियां कहां से कहां पहुंच रही हैं औरआप ऐसी बातें कर रहे हैं। और आप भी तो नैना को कितना प्यार करते हैं क्या आप नहीं चाहते कि उसका भविष्य बने। देख बेटा मैं जो कह दिया कह दिया अगर तुझे।मेरी बात नहीं माननी तो अपने परिवार को यहां से ले जा। उसके बाद मेरा तुझसे और तेरे परिवार से कोई रिश्ता ना रहेगा सरपंच जी ने आखिरी दांव खेला। लेकिन उन्हें नहीं पता था उनका यह पास उल्टा परने वाला है। नैना के पापा अपनी पत्नी और बच्चों समेत भारी मन से घर छोड़कर चले गए। जाते समय सरपंच साहब ने उन्हें कभी वापस न लौटने को कहा। ऐसे ही कई साल बीत गए। उनके बेटे ने कई बार फोन पर उनका हाल-चाल लेने की कोशिश की लेकिन वह आवाज सुनते ही फोन कट कर देते । उन्हें धन संपत्ति की तो कोई कमी थी नहीं घर में नौकर चाकर लगे हुए थे। एक दिन अचानक सुबह-सुबह उनका सर चकरा आता है और वह बेहोशहो जाते हैं। उन्हें अस्पताल ले जाया जाता है । डॉक्टर के ट्रीटमेंट के बाद वह होश में तो आ जाते हैं लेकिन डॉक्टर बताते हैं कि इन्हें दिल की बीमारी हो गई है और जल्द से जल्द इनका ऑपरेशन करवाना पड़ेगा। उन्हें इलाज के लिए बड़े शहर ले जाया जाता है। आज उनका ऑपरेशन होने वालाहै। आज अस्पताल के बिस्तर पर उन्हें अपने परिवार की याद सता रही है। तभी डॉक्टर उनके कमरे में आते हैं। चिंता ना करें चाचाजी आप बिल्कुल ठीक हो जाएंगे आपके ऑपरेशन के लिए शहर के बेस्ट हार्ट सर्जन को बुलवाया है हमने। उनका ऑपरेशन हो जाता है और 24 घंटे के बाद वह होश में आते हैं। होश में आने वह कमरे में 25 /26 साल की लड़की को बैठा देखते हैं नर्स उन्हें बताती है। इन्हीं डॉक्टर मैडम ने आपका ऑपरेशन किया है। आपको ऑपरेशन सफलता पूर्वक हो गया है ।आप कैसा महसूस कर रहे हैं अब लेडी डॉक्टरने कहा। सरपंच साहब ने हाथ जोड़ते हुए कहा बहुत-बहुत आभार मैडम जी आपका आपने मेरी जान बचाई। डॉक्टर उनके हाथों को अपने हाथों में ले लेती है यह क्या कर रहे हैं आप दादाजी? पहचाना नहीं क्या ?मैं आपकी नैना।नैना, मेरी पोती नैना! हां पिताजी आपकी पोती नैना कमरे में प्रवेश करते हुए नैना के पिताजी ने कहा। सामने बेटे बहु को देखकर सरपंच साहब आश्चर्यचकित थे। आपकी पोती शहर की बड़ी डॉक्टर बन गई है। ऑपरेशन टेबल पर आपको देखते ही इसने हमें फोन कर दिया था। इसी ने आपका ऑपरेशन किया हैऔर पिछले 24 घंटे से आपकी देखभाल कर रही है। अपने परिवार को सामने देखकर सरपंच साहब भावुक हो जाते हैं। मुझे माफ कर दो मेरे बच्चों। मैं वाकई गलत था मेरी पोती ने न केवल मेरी जान बचाई बल्कि इसने हमारा नाम भी ऊंचा कर दिया। नैना दादा जी के आंसू पोंछती है दादाजी अभी आपको ज्यादा बोलना मना है। पूरा परिवार फिर से एक हो चुका था।
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