एडिक्शन ऑफ सेल फोन
आज मेरे इलाके में शटडाउन है ,यानी पूरे दिन बिजली नहीं रहेगी। शायद कहीं मेंटेनेंस का काम चल रहा है ।वैसे यहां का मौसम काफी खुशनुमा है तो गर्मी की तो कोई समस्या है नहीं। फिर भी बिजली जाते ही मन में एक आशंका सी घिर आती है। मोबाइल चार्ज कैसे होगा? दोपहर तक कहीं स्विच ऑफ ना हो जाए ,कोई बात नहीं आज मोबाइल का यूज थोड़ा कम करूंगी। तो शाम तक तो चल ही जाएगा।तो आज पूरा दिन करूं क्या? चलो आज यूट्यूब की जगह किताबों से लगा जाए लेकिन एक यह मन है और दूसरा यह हाथ,न चाहते हुए भी हर 15-20 मिनट पर मोबाइल की तरफ बढ़ जाता है। थोड़ा लोगों के व्हाट्सएप स्टेटस देख लूं ,कोई मैसेज तो नहीं आया है, फेसबुक पर कोई जरूरी अपडेट और ऐसा ही बहुत कुछ। बीच-बीच में आने वाले फोन कॉल्स की तो बात ही अलग है वह तो रिसीव करने ही होंगे। हां आज कॉल ड्यूरेशन थोड़ी छोटी होगी।
ये तो एक छोटा सा एक छोटा सा उदाहरण है हमारे सेल फोन के ऊपर निर्भरता का। यद्यपि सेल फोन हमारी जरूरत बन गया है। और इसने हमारे जीवन को काफी आसान कर दिया है ।हम घर बैठे बैठे अपने कई जरूरी कामों को इसकी सहायता से निपटा लेते हैं। लेकिन क्या आपको ऐसा नहीं लगता कि हम इस के मकड़जाल में कुछ ज्यादा ही उलझते जा रहे हैं? रात को मोबाइल देखते-देखते सो जाना और सुबह उठकर बिस्तर पर ही सबसे पहले मोबाइल देखना भी क्या हमारी जरूरत ही का ही एक हिस्सा है? रात के 8:00 बजे हैं। कमरे में बैठे एक ही परिवार के 4 सदस्य सभी अपने अपने मोबाइल में व्यस्त कोई गेम खेल रहा है, कोई यूट्यूब पर ,कोई ट्विटर और इंस्टा जैसे सोशल साइट्स पर व्यस्त है। सभी अपनी अपनी दुनिया में मगन ।किसी को फुर्सत कहां है किसी का हाल चाल लेने की। आपस में प्यार से बातचीत करने की।
खैर मैं भी टकटकी लगाए घड़ी की सुइयों को देख रही हूं कि कब 5:00 बजेंगे और बिजली आएगी। मेरा मोबाइल चार्ज होगा और मैं भी व्यस्त हो जाऊंगी अपने इस मोबाइल की दुनिया में तब तक तो थोड़ी थोड़ी देर के अंतराल पर ही इसे देख कर काम चलाना होगा। और यह आर्टिकल भी मैं अपने ब्लॉग पर कल ही पोस्ट कर पाऊंगी क्योंकि आज shut down 👎 है।
Gayatri Kumari
21/07/2023
Waah bahut achha
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